सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे sita ram ji ki pyari rajdhani laage lyrics hindi

सीता राम जी की प्यारे राजधानी लागे sita ram ji ki pyari rajdhani laage lyrics hindi 

Song Credit
Singer : Prembhushanji maharaj ,Rajanji maharaj,Rajeshwaranand

यह एक भक्ति गीत है जो श्री रामचन्द्र जी और सीता जी की प्रशंसा करता है। इसे आमतौर पर हिंदू धर्म के समारोहों और पूजा के दौरान गाया जाता है। इसे परमपूज्य प्रेमभूषण महाराज, राजन जी महाराज और राजेश्वरानन्द जी महाराज जी ने गाया है .


बंदयु अवधपति अति पावनी
बहे समीप सुरसरी सुहावनी

सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे……..

धन्य कौशल्या धन्य कैकई धन्य सुमित्रा मैया,
धन्य कौशल्या धन्य कैकई धन्य सुमित्रा मैया,
धन्य भूप दशरथ के अँगना खेलत चारो भैया,
मीठी तोतली रसीली प्रभु की बानी लागे
प्रभु की बानी लागे,
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे,
सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे……..

रंगमहल हनुमान गढ़ी ,मणि राम छावनी सुन्दर,
रंगमहल हनुमान गढ़ी ,मणि राम छावनी सुन्दर
स्वंय जगत के मालिक बैठे कनक भवन के अंदर,
सीता राम जो की शोभा सुखकानी लागे,
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे,
सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे……..

सहज सुहावन जन्मभूमि श्री रघुवर राम लला की
श्री रघुवर राम लला की,
जानकी महल सुच सुन्दर शोभा लक्ष्मन ज्यूत किला की
यहा के कण कण से प्रीत पुरानी लागे
पुरानी लागे
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे,
सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे……..

जय सिया राम दंडवत भईया मधुरी वाणी बोले
मधुरी बानी बोले
करे कीर्तन संत मगन मन ,गली गली में डोले
सीता राम नाम धुन प्यारी मस्तानी लागे
मस्तानी लागे
मोहे मिठो मिठो सरयू जी के पानी लागे

सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे,
मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पानी लागे……..

Sita Ram ji ki pyari rajdhani lage Lyrics in english

Song Credit
Singer : Prembhushanji maharaj ,Rajanji maharaj,Rajeshwaranand

This is a devotional song that praises Lord Rama and Sita in Hinduism. It is commonly sung during Hindu religious ceremonies and worship. It has been sung by revered saints such as Parampujya Prembhushan Maharaj, Rajan Maharaj, and Rajeshwaranand Maharaj.





Sita Ram ji ki pyari rajdhani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage…
Dhany Kaushalya, dhany Kaikeyi, dhany Sumitra maiya,
Dhany Kaushalya, dhany Kaikeyi, dhany Sumitra maiya,
Dhany bhup Dashrath ke angana khelat charo bhaiya,
Meethi totali raseeli prabhu ki bani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage,
Sita Ram ji ki pyari rajdhani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage…
rang mahal Hanuman gadhi mani ram chavani sundar,
rang mahal Hanuman gadhi mani ram chavani sundar,,
Swayam jagat ke malik baithe kanak bhavan ke andar,
Sita Ram jo ki shobha sukhkani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage,
Sita Ram ji ki pyari rajdhani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage…
Sahaj suhawan janmabhoomi Shri Raghuvir Ram lala ki,
Shri Raghuvir Ram lala ki,
Janaki mahal such sundar shobha Lakshman jyoot kila ki,
Yaha ke kan-kan se preet purani lage,
Purani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage,
Sita Ram ji ki pyari rajdhani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage…
Jai Siya Ram dandvat bhaiya, madhuri vani bole,
Madhuri bani bole,
Kare kirtan sant magan mann, gali gali mein dole,
Sita Ram naam dhun pyari mastani lage,
Mastani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage,
Sita Ram ji ki pyari rajdhani lage,
Mohe mittho mittho Sarayu ji ko paani lage.

 

3 thoughts on “सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे sita ram ji ki pyari rajdhani laage lyrics hindi”

  1. सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे,
    मोहे मिठो मिठो सरयू जी रो पाणी लागे,
    मोहे मिठो मिठो सरयू जी को पाणी लागे।

    धन्य कौशल्या धन्य कैकई,
    धन्य सुमित्रा मैया,
    धन्य सुमित्रा मैया,
    धन्य भूप दशरथ के अँगना,
    खेलत चारो भैया,
    मीठी तोतली रसीली,
    प्रभु की बानी लागे,
    प्रभु की बाणी लागे,
    मोहे मिठो मिठो,
    सरयू जी को पानी लागे,
    सीता राम जी की प्यारी,
    राजधानी लागे,
    मोहे मिठो मिठो सरयू जी रो,
    पाणी लागे,
    मोहे मिठो मिठो सरयू जी रो,
    पाणी लागे।

    छोटी छावड़ी रंगमहल,
    हनुमान गढ़ी अति सुन्दर,
    हनुमानगढ़ी अति सुन्दर,
    स्वंय जगत के मालिक बैठे,
    कनक भवन के अंदर,
    सीता राम जो की शोभा,
    सुखधानी लागे,
    सुखधानी लागे,
    मोहे मिठो मिठो सरयू जी रो,
    पाणी लागे,
    मोहे मिठो मिठो सरयू जी रो,
    पाणी लागे।

    सहज सुहावन शोभा लागे,
    रघुवर राम लला की,
    रघुवर राम लला की,
    सीता राम नाम धुन प्यारी,
    सुखधानी लागे,
    मोहे मिठो मिठो सरयू जी रो,
    पाणी लागे,
    मोहे मिठो मिठो सरयू जी रो,
    पाणी लागे।

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