कृपा की ना होती जो आदत तुम्हारी भजन लिरिक्स

कृपा की ना होती जो आदत तुम्हारी भजन लिरिक्स Kripa Ki Na Hoti Jo Aadat Lyrics

कृपा की ना होती जो आदत तुम्हारी,
तो सूनी ही रहती अदालत तुम्हारी।
गरीबो के दिल में जगह तुम न पते 
तो किस दिल होती  इबादत तुम्हारी  


गरीबों की दुनिया है आबाद तुमसे
गरीबों से है बादशाहत तुम्हारी
कृपा की ना होती जो आदत तुम्हारी,
तो सूनी ही रहती अदालत तुम्हारी।

न मुल्जिम ही होते न तुम होते हाकिम
न घर घर में होती इबादत तुम्हारी
कृपा की ना होती जो आदत तुम्हारी,
तो सूनी ही रहती अदालत तुम्हारी।

तुम्हारी करुणा  के दृग  बिन्दु हैं वे,
तुम्हें सौंपते है अमानत तुम्हारी,
कृपा की ना होती जो आदत तुम्हारी,
तो सूनी ही रहती अदालत तुम्हारी।।


ओ दोनों के दिल में जगह तुम न पाते
तो किस दिल में होती हिफाजत तुम्हारी
कृपा की ना होती जो आदत तुम्हारी,
तो सूनी ही रहती अदालत तुम्हारी।

Kripa ki na hoti jo aadat tumhari lyrics in English 

Kripa ki na hoti jo aadat tumhari, 

To suni hi rehti adalat tumhari. 
Gareebo ke dil mein jagah tum na pate, 
To kis dil hoti ibaadat tumhari.

Gareebo ki duniya hai aabad tumse, 

Gareebo se hai baadshahat tumhari. 
Kripa ki na hoti jo aadat tumhari, 
To suni hi rehti adalat tumhari.

Na mulzim hi hote na tum hote hakim, 

Na ghar ghar mein hoti ibaadat tumhari. 
Kripa ki na hoti jo aadat tumhari, 
To suni hi rehti adalat tumhari.

Tumhari karuna ke drig bindu hain ve, 

Tumhe saunpate hain amanat tumhari.
Kripa ki na hoti jo aadat tumhari,
To suni hi rehti adalat tumhari.

O dono ke dil mein jagah tum na paate,

To kis dil mein hoti hifazat tumhari.
Kripa ki na hoti jo aadat tumhari,
To suni hi rehti adalat tumhari

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