ना पूजन किया है ना हां तपस्या की है

 

श्री रामकथा के पावन अवसर पर पूज्य राजन जी द्वारा गाया हुआ ये भजन- भरोसे तेरे चल रही ज़िन्दगी है, आर्त निवेदन भाव का बहुत ही सुन्दर भजन है। इस भजन को पूज्य राजन जी ने श्री सालासर बालाजी धाम, चुरू , राजस्थान की श्री रामकथा में गाया है जो दिसम्बर 2021 में हुई थी। इस भजन की रचना पूज्य पण्डित श्री तारकेश्वर मिश्र ( राही जी ) ने की है। 

न पूजन किया है,

न तपस्या ही की है

भरोसे तेरे चल रही जिंदगी है।

न पूजन किया है,

न तपस्या ही की है। 

 

मेरी आए हैं तेरे नामों की चर्चा।

तेरा नाम ही नित्य मैं करता हूं खर्चा।

तेरा नाम ही नित्य मैं करता हूं खर्चा।

नशा है कथा अमृत पिलाना और पी ह। 

ना पूजन किया …

 

कथा मुक्ति साधन है यही  साधना है।

तेरा नाम लेना ही आराधना है।

तेरा नाम लेना ही आराधना है।

यही मेरी पूजा यही बंदगी है।

यही मेरी पूजा यही बंदगी है।

ना पूजन किया है……..

 

तू जो है पास मेरे तुझे अर्पित किया है।

यह जीवन ही राही ने समर्पित किया है।

यह जीवन की राही ने समर्पित किया है।

सभी कुछ है आगे  जुने की    बदी है।

ना पूजन किया है……..

 

ना पूजन किया है

ना तपस्या की है।

भरोसे तेरे चल रही जिंदगी है।

न पूजन किया है,

न तपस्या ही की है

 

 

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