जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा Rajanji Maharaj

 

जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा,

जहां नाथ रख लोगे, वहीं मैं रहूँगा।

 

यह जीवन समर्पित चरण में तुम्हारे,

तुम्ही मेरे सर्वस तुम्ही प्राण प्यारे।

तुम्हे छोड़ कर नाथ किससे कहूँगा,

जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥

 

ना कोई उलाहना, ना कोई अर्जी,

करलो करालो जो है तेरी मर्जी।

कहना भी होगा तो तुम्ही से कहूँगा,

जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥

 

दयानाथ दयनीय मेरी अवस्था,

तेरे हाथ अब मेरी सारी व्यवस्था।

जो भी कहोगे तुम, वही मैं करूँगा,

जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥

 

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